Chandrayaan-3 Launch: चंद्रयान-3 अपने सफर पर रवाना हो गया।

चंद्रयान-3 14 july दोपहर 2 बजकर 35 मिनट पर श्रीहरिकोटा के सतीश धवन सेंटर से लॉन्च हुआ

शुक्रवार को लॉन्च के साथ ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का तीसरा मून मिशन शुरू हुआ।

चंद्रयान-3 को चंद्रयान-2 का फॉलोअप मिशन बताया जा रहा है. मिशन का मकसद चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करना है

चंद्रयान-3 को ले जा रहे 642 टन वजनी, 43.5 मीटर ऊंचे रॉकेट LVM3-M4 ने श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी।

चंद्रयान-1 में सिर्फ ऑर्बिटर था. चंद्रयान-2 में ऑर्बिटर के साथ-साथ लैंडर और रोवर भी थे. चंद्रयान-3 में ऑर्बिटर नहीं होगा, सिर्फ लैंडर और रोवर ही रहेंगे.

इसरो ने इस बार भी लैंडर का नाम 'विक्रम' और रोवर का 'प्रज्ञान' रखा है. चंद्रयान-2 में भी लैंडर और रोवर के यही नाम थे.

चंद्रयान-3 के पृथ्‍वी की कक्षा में पहुंचने के बाद लूनर ट्रांसफर ट्रेजेक्टरी में डाला गया।

अगले 42 दिनों में 3,84,000 किमी से अधिक की दूरी तय करते हुए यह चंद्रमा तक पहुंच जाएगा।

चंद्रयान-3 को चंद्रयान-2 का फॉलोअप मिशन बताया जा रहा है. इसका मकसद भी चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग कराना है.

चंद्रयान-2 में विक्रम लैंडर की हार्ड लैंडिंग हो गई थी. तीन महीने बाद अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने इसका मलबा ढूंढा था.

रोवर, एक छह पहियों का रोबोट है जो लैंडर के अंदर ही होगा और लैंडिंग के बाद बाहर आएगा.

लॉन्च से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 'भारतीय अंतरिक्ष के क्षेत्र में 14 जुलाई 2023 का दिन हमेशा स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा

चांद पर लैंडर के उतरने के बाद इसी से रोवर बाहर आएगा. इस मिशन की लाइफ 1 लूनर डे होगी

चांद पर एक दिन पृथ्वी के 14 दिन के बराबर होता है.

इसरो के इस तीसरे मून मिशन की लागत करीब 615 करोड़ रुपये बताई जा रही है.