मेरे हँसते हुए चेहरे पर मुझे नाज़ है, भोले से मेरा कल और मेरा आज है |

मैं बचपन से भोले का पुजारी डमरू का मुझे जोग लगा रोया नहीं कभी शिव भक्ति मे शिव चरणों का मुझे रोग लगा |

महादेव हो जब इस दुनिया से मेरी विदाई तो इतनी मोहलत मेरी सांसो को देना एक बार और हर हर महादेव  कह लेने देना ||

भटक भटक के मैं जग हारा, संकट में दिया ना कोई साथ । सुलझ गई हर एक समस्या, महादेव ने जब पकड़ा हाथ ।।

मेरी हैसियत  से ज्यादा मेरे थाली में तूने परोसा  है, तु लाख मुश्किलें भी दे दे मालिक, मुझे तुझपे भरोसा है

मौत भी खड़ी रहे जाये देखकर जिसको, जिस पे चंद्रमा जड़ा है शत्रु के सीने में त्रिशूल खोपे वो स्मशान में खड़ा है || || ॐ हर हर महादेव  ॐ  ||

जो बंधन में है वो जीव है जो बंधन मुक्त है वो शीव है

मन छोड़ व्यर्थ की चिंता तू शिव का नाम लिये जा शिव अपना काम करेंगे तू अपना काम किये जा

मस्तक सोहे ‪चन्द्रमा‬,गंग ‪जटा‬ के बीच ,‪‎श्रद्धा‬ से ‪शिवलिंग‬ को, निर्मल जल मन से सीच !!

शिव की ज्योति से नूर मिलता है, सबके दिलों को सुरूर मिलता है; जो भी जाता है भोले के द्वार, कुछ न कुछ ज़रूर मिलता है !

ना पूछो मुझसे मेरी पहचान… मैं तो भस्मधारी हूँ … भस्म से होता जिनका श्रृंगार मैं उस महाकाल का पुजारी हूँ … ” हर हर महादेव “

ज़िंदगी का हर एक पल मस्ती से गुज़ारा है हमने, कण कण में महादेव हैं बसते, जब से ये स्वीकारा है हमने..!!

जो समय की चाल हैं, अपने भक्तों की ढाल हैं, पल में बदल दे सृष्टि को, वो महाकाल हैं..!!

झुकता नही शिव भक्त किसी के आगे, वो काल भी क्या करेगा महाकाल के आगे..!!

आँधी तूफान से वो डरते हैं, जिनके मन में प्राण बसते हैं, वो मौत देखकर भी हँसते हैं, जिनके मन में महाकाल बसते हैं..!!

धन्य धन्य भोलानाथ तुम्हारी, कोडी नही खजाने मे, तीन लोक बसती मे बसा कर, आप रहे बीराने मे..!!

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